क्यों समझा इसे बेचारी है, इसने ना हिम्मत हारी है। क्यों समझा इसे बेचारी है, इसने ना हिम्मत हारी है।
अपने शौक मारे हैं इन्होंने अपने शौक मारे हैं इन्होंने
जो हर बार आते तो हैं , पर, ठहरते नहीं, जो हर बार आते तो हैं , पर, ठहरते नहीं,
तो लोगों को लगा बूढ़ा सनकी हो गया। तो लोगों को लगा बूढ़ा सनकी हो गया।
मुश्किलों से सभालां है मैनें ,खुद को इन नजारों से। देखा है खरीद करते इन गुगों को... मुश्किलों से सभालां है मैनें ,खुद को इन नजारों से। देखा है खरीद करते इन गुगों...
ये उमर बीती है बस हसरत लिए हर शौक की, वो उमर आएगी तो मुझ को सभी कुछ चाहिए। ये उमर बीती है बस हसरत लिए हर शौक की, वो उमर आएगी तो मुझ को सभी कुछ चाहिए।